यह कला
पेडना कलमकारी: कृष्णा डेल्टा की छपी कलमकारी
पेडना कहाँ है
पेडना आंध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले का एक छोटा शहर है, जो बंगाल की खाड़ी पर बसे बंदरगाह शहर मछलीपट्टनम से कुछ ही किलोमीटर दूर है। ये दोनों मिलकर कलमकारी की छपाई वाली शैली का घर हैं, इसीलिए इसी कला को मछलीपट्टनम कलमकारी या पेडना कलमकारी कहा जाता है।
एक कला, दो शैलियाँ
कलमकारी का नाम क़लम (पेन) और कारी (काम) से बना है। आंध्र प्रदेश में यह दो शैलियों में विकसित हुई:
- श्रीकालहस्ती, राज्य के दक्षिण में, जहाँ डिज़ाइन बाँस की क़लम से हाथ से खींचे जाते हैं। इन चित्रों में आमतौर पर महाकाव्यों और मंदिरों की कथाएँ होती हैं।
- मछलीपट्टनम और पेडना, जहाँ डिज़ाइन हाथ से तराशे गए लकड़ी के ब्लॉकों से छापे जाते हैं। यहाँ यह कला व्यापार के साथ बढ़ी: फूलों, पेड़ों, पक्षियों और जानवरों के नमूने, जो कपड़ों, पर्दों और चादरों के लिए पूरे थान पर दोहराए जाते हैं।
हमारी श्रीकालहस्ती बनाम मछलीपट्टनम गाइड दोनों की विस्तार से तुलना करती है।
व्यापार से बनी एक कला
सदियों तक मछलीपट्टनम भारत के पूर्वी तट के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक था, और इस क्षेत्र का छपा सूती कपड़ा समुद्र पार फ़ारस, दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप तक गया। फ़ारसी प्रभाव वाले नमूने, जैसे फूलों वाला पेड़, पैस्ली (कैरी) और घुमावदार बेल, आज भी पेडना में छापे जाते हैं।
आज का पेडना
पेडना की कार्यशालाएँ आज कलमकारी एक से ज़्यादा तरीक़ों से बनाती हैं:
- पारंपरिक हाथ की ब्लॉक छपाई;
- बारीक हिस्सों की हाथ से पेंटिंग;
- स्क्रीन प्रिंटिंग, जिससे वही नमूने कम दाम में ज़्यादा लोगों तक पहुँचते हैं।
कलमकारी हाउस पर जिस पीस के विवरण में तकनीक लिखी है, जैसे "Screen Printed", वह उसी तरह बना है। ऑर्डर से पहले जानना चाहें कि कोई पीस कैसे बना है, तो हमें WhatsApp पर संदेश भेजें। अंतर जानने के लिए पढ़ें: कलमकारी कैसे बनती है।
यह लेख AI की मदद से लिखा गया है और कलमकारी हाउस की टीम ने इसे जाँचा है।
